फ्रांस ने जिस देश पर 132 साल किया राज वही अल्जीरिया अब दिखा रहा आंख, भड़क उठे मैक्रों, 12 राजनयिकों को निकाला

पेरिस: फ्रांस और अल्जीरिया के बीच एक बार फिर से तनाव बढ़ गया है. अल्जीरिया ने सोमवार को 12 फ्रांसीसी अधिकारियों को 48 घंटे में देश छोड़ने का आदेश दिया है. इससे भड़के फ्रांस ने भी मंगलवार को 12 अल्जीरियाई राजनयिकों को देश से निकलने का फरमान सुनाया. अल्जीरिया की ओर से फ्रांसीसी राजनयिकों को निकालने के बाद फ्रांस के विदेश मंत्री जीन-नोएल बैरोट ने कहा था कि यह घोषणा फ्रांस में तीन अल्जीरियाई नागरिकों की गिरफ्तारी से जुड़ी है. अल्जीरिया का कहना है कि फ्रांस ने उनके एक कांसुलर अधिकारी को अपहरण के मामले में गिरफ्तार कर लिया. यह अल्जीरिया का अपमान है. हालांकि दोनों पक्षों के बीच पिछले साल से ही तनाव चल रहा है. फ्रांस ने विवादित पश्चिमी सहारा के मुद्दे पर अल्जीरिया के पड़ोसी मोरक्को का साथ दिया था.फ्रांस ने पश्चिमी सहारा पर मोरक्को के स्वायत्तता प्रस्ताव का समर्थन किया था. इस विवादित क्षेत्र में पोलिसारियो फ्रंट आजादी की लड़ाई लड़ रहा है, जिसे अल्जीरिया समर्थ देता है. फ्रांस के इस कदम से अल्जीरिया तिलमिला उठा और उसने अपना राजदूत पेरिस से वापस बुला लिया था. तनाव तब और बढ़ा, जब नवंबर में अल्जीरिया ने फ्रांसीसी-अल्जीरियाई लेखक बौलेम संसाल को गिरफ्तार कर लिया. संसाल, जो इस्लामवाद और अल्जीरियाई सरकार के कटु आलोचक हैं. उन्हें पांच साल की सजा सुनाई गई, जिसके खिलाफ उन्होंने अपील की है. अल्जीरिया पर 1830 में फ्रांस ने हमला किया था और धीरे-धीरे उसे अपना उपनिवेश बना लिया. इसके बाद 132 साल तक यानी 1962 तक फ्रांसीसी शासन अल्जीरिया पर रहा.अब शुरू हुआ नया विवाददोनों देशों के बीच अब एक ताजा विवाद शुरू हो गया है. दरअसल अप्रैल 2024 में पेरिस के पास अल्जीरिया सरकार के मुखर आलोचक, जिसके टिकटॉक पर 11 लाख फॉलोअर्स हैं, उस अमीर बुखोर्स का अपहरण कर लिया गया था. साल 2023 में फ्रांस में अमीर को राजनीतिक शरण मिली थी. फ्रांस ने पिछले सप्ताह तीन अल्जीरियाई नागरिकों को गिरफ्तार किया, जिनमें एक कांसुलर अधिकारी भी शामिल है. इनके ऊपर अपहरण, गैरकानूनी हिरासत और आतंकी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप हैंअल्जीरिया ने इसे अपनी बेइज्जती बताया. उसका कहना है कि कांसुलर अधिकारी को सार्वजनिक रूप से बिना किसी राजनयिक सूचना के गिरफ्तार किया गया. अल्जीरियाई विदेश मंत्रालय ने इसे ‘अंतरराष्ट्रीय संधियों का खुला उल्लंघन’ करार दिया और फ्रांस पर रिश्तों को तोड़ने की साजिश का आरोप लगाया. जवाब में, अल्जीरिया ने 12 फ्रांसीसी अधिकारियों को 48 घंटे में देश छोड़ने का आदेश दिया.फ्रांस ने भी लिया एक्शनफ्रांस ने इसे अनुचित बताते हुए तुरंत जवाबी कार्रवाई की. मंगलवार को फ्रांस ने 12 अल्जीरियाई राजनयिकों को देश छोड़ने का आदेश दिया और अपने राजदूत को राजधानी अल्जीयर्स से वापस बुला लिया. फ्रांसीसी विदेश मंत्री जीन-नोएल बैरो ने X पर कहा, ‘अल्जीरिया का फैसला बेबुनियाद है. बातचीत एकतरफा नहीं हो सकती.’ फ्रांसीसी राष्ट्रपति भवन ने बयान जारी कर अल्जीरिया को ‘रिश्तों में क्रूर गिरावट’ का जिम्मेदार ठहराया. बैरो ने अल्जीरिया से निष्कासन रद्द करने की मांग की, वरना ‘तुरंत जवाब’ देने की धमकी दी

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