जनपद की बिल्सी तहसील में शुक्रवार को भारतीय हलधर किसान यूनियन के नेतृत्व में सैकड़ों किसानों ने कथित भ्रष्टाचार और प्रशासनिक मनमानी के विरोध में अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। सुबह से ही बड़ी संख्या में किसान तहसील परिसर में जुटने लगे, जिससे प्रशासनिक अधिकारियों में हलचल मच गई।
योजनाओं में भ्रष्टाचार के आरोप
धरने पर बैठे किसानों और यूनियन पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि क्षेत्र में प्रधानमंत्री आवास योजना, मनरेगा तथा जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र जैसी सरकारी सेवाओं में व्यापक स्तर पर अनियमितताएं हो रही हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि संबंधित ग्राम विकास अधिकारी (वीडीओ) पर कथित रूप से आर्थिक लाभ लेकर अपात्र लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के आरोप हैं, जबकि पात्र और जरूरतमंद लोग योजनाओं से वंचित रह जाते हैं। साथ ही कुछ ग्राम सचिवों पर भी आम लोगों से अवैध वसूली करने के आरोप लगाए गए।
शिकायत करने वालों से अभद्रता का आरोप
यूनियन नेताओं का कहना है कि जब उन्होंने किसानों की शिकायतों को लेकर संबंधित कार्यालय में अधिकारियों से संपर्क किया, तो उनकी समस्याओं का समाधान करने के बजाय उनके साथ कथित रूप से अभद्र व्यवहार किया गया। किसानों का आरोप है कि उन्हें कार्यालय से बाहर निकाल दिया गया, जिससे उनमें भारी नाराजगी है।
निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग
धरना स्थल पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए भारतीय हलधर किसान यूनियन के नेताओं ने कहा कि जब तक आरोपों की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच नहीं कराई जाती और दोषी अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। यूनियन ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने समय रहते उचित कदम नहीं उठाए, तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।
प्रमुख पदाधिकारी रहे मौजूद
धरने में भारतीय हलधर किसान यूनियन के राष्ट्रीय महासचिव अवधेश लड्डा महेश्वरी, मंडल अध्यक्ष मृगांक कुमार जैन उर्फ टीटू भैया, संगठन मंत्री बृजक्षेत्र चन्द्रसैन महेश्वरी, जिला अध्यक्ष राहुल सोलंकी, जिला उपाध्यक्ष नरेश तथा सचिव एवं रिपोर्टर सूरज सागर सहित बड़ी संख्या में किसान और संगठन के कार्यकर्ता मौजूद रहे।
बिल्सी से संवाददाता : नितेश माहेश्वरी
