China-Japan Conflict News: जापान और चीन के बीच समुद्र में चल रही तनातनी को देखकर हर कोई इस खौफ में है कि कहीं युद्ध का आगाज न हो जाए. वैसे हालात को संभालने और अपने सम्मान के साथ-साथ युद्ध को टालने की कला जापान भारत से सीख सकता है. भारत पिछले 60 साल से चीन से इसी ट्रिक से निपटता रहा है.
Japan can Take Lessons from India: इस वक्त चीन-जापान के बीच जिस तरह की स्थिति बनी हुई है, उसे देखकर कई बार ऐसा लगता है कि युद्ध मुहाने पर है. चीन का पड़ोसी देशों के साथ इस तरह का आक्रामक रवैया कोई नई बात नहीं है, ऐसे में अगर इसे भारत के परिदृश्य में देखें, तो जापान को कुछ नोट्स भारत से लेने चाहिए. खुद एक जापानी एक्सपर्ट प्रोफेसर पेमा ग्लालपो ने ये माना कि भारत जिस तरह से दशकों से चीन के साथ अपने संबंध आत्मसम्मान और आत्मविश्वास के साथ बनाए हुए है, वो सीखने लायक है. 60 सालों में चीन वैसी ही आक्रामकता भारत के साथ भी दिखाता है, जैसी जापान के साथ. बावजूद इसके दोनों देशों के बीच रिश्ते बने हुए हैं.
1962 के भारत–चीन युद्ध के बाद स्थितियां काफी बिगड़ चुकी थीं. आज जापान के सामने चीन की बढ़ती आक्रामकता वैसी ही चुनौती पेश कर रही है, जैसी भारत को लंबे समय से मिलती रही है. इसी वजह से भारत के अनुभवों से जापान कई महत्वपूर्ण बातें सीख सकता है. प्रोफेसर पेमा के मुताबिक भारत को हिमालयी सीमा पर चीन की बदलती रणनीति से जूझना पड़ता है, जबकि जापान को पूर्वी चीन सागर और सेनकाकू द्वीपों के आसपास चीन की बढ़ती समुद्री गतिविधियों से. दोनों देशों के लिए स्थिति अलग होने के बावजूद चीन का तरीका एक जैसा ही है. धीरे-धीरे जमीन और समुद्री क्षेत्रों में अपनी मौजूदगी बढ़ाना और पुराने समझौतों को नकार देना. tml?utm_source=copy_share&utm_medium=clipboard&utm_campaign=clipnshare
