बांग्लादेश में प्रस्तावित चुनावों पर पूर्व प्रधानमंत्री शेख़ हसीना ने गंभीर सवाल खड़े किए हैं. News18 को दिए एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि जब तक आवामी लीग पर प्रतिबंध रहेगा, तब तक कोई भी चुनाव स्वतंत्र, निष्पक्ष और समावेशी नहीं हो सकता और ऐसे चुनाव से बनने वाली सरकार की वैधता पर देश और दुनिया दोनों में सवाल उठेंगे.
बांग्लादेश में प्रस्तावित आम चुनाव को लेकर राजनीतिक घमासान तेज़ हो गया है. पूर्व प्रधानमंत्री और आवामी लीग प्रमुख शेख़ हसीना ने मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व में होने वाले अगले चुनाव की निष्पक्षता पर सीधा सवाल उठाया है. उन्होंने कहा कि जब तक उनकी पार्टी पर प्रतिबंध बना रहेगा, तब तक कोई भी चुनाव न तो स्वतंत्र होगा, न निष्पक्ष और न ही समावेशी. न्यूज़ 18 को दिए खास इंटरव्यू में पूर्व प्रधानमंत्री शेख़ हसीना ने एक प्रश्न के जवाब में यह बात कही. ये बयान ऐसे समय आया है, जब अंतरिम प्रशासन चुनाव कराने की तैयारी की बात कर रहा है और विपक्ष चुनावी माहौल को “नियंत्रित और पक्षपातपूर्ण” बता रहा है.
इंटरव्यू में सवाल था कि “क्या आपको भरोसा है कि मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व में होने वाला अगला चुनाव वास्तव में स्वतंत्र और निष्पक्ष होगा?”जिसके जवाब में शेख हसीना जी ने कहा कि – “जब तक आवामी लीग पर लगाया गया प्रतिबंध बना रहेगा, तब तक कोई भी चुनाव न तो स्वतंत्र हो सकता है, न निष्पक्ष और न ही समावेशी. यूनुस ने लाखों नागरिकों को वोट देने के अधिकार से वंचित कर दिया है और देश को चुनने के अधिकार से वंचित किया है. हमारे बिना होने वाला कोई भी चुनाव अगली सरकार की वैधता को कमजोर करेगा. इस प्रशासन ने हमारी पार्टी पर प्रतिबंध लगाया है, हज़ारों लोगों को झूठे मामलों में हिरासत में लिया है, पत्रकारों की आवाज़ दबाई है और न्यायपालिका की स्वतंत्रता को नष्ट किया है”.
शेख़ हसीना ने साफ़ चेतावनी दी कि यदि आवामी लीग को चुनावी प्रक्रिया से बाहर रखा गया, तो उससे बनने वाली किसी भी सरकार की वैधता पर देश के भीतर ही नहीं, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी गंभीर सवाल उठेंगे. चुनाव से आगे बढ़कर उन्होंने यूनुस प्रशासन पर व्यापक राजनीतिक दमन के आरोप लगाए. हसीना के मुताबिक, हज़ारों आवामी लीग नेताओं और कार्यकर्ताओं को झूठे मामलों में हिरासत में लिया गया है, पत्रकारों की आवाज़ को दबाया जा रहा है और न्यायपालिका की स्वतंत्रता को व्यवस्थित रूप से कमजोर किया जा रहा है.
