नितिन नबीन को कार्यकारी अध्यक्ष बनाकर बीजेपी ने साफ संदेश दिया है कि पार्टी में ‘परफॉर्मर’ को ही इनाम मिलेगा. जिस तरह उन्होंने छत्तीसगढ़ में भूपेश बघेल की सत्ता को उखाड़ा, पार्टी को उम्मीद है कि राष्ट्रीय स्तर पर भी वे विपक्ष के लिए उतनी ही बड़ी चुनौती साबित होंगे. पिता की विरासत से शुरू हुआ सफर आज उन्हें बीजेपी के सबसे ताकतवर पद तक ले आया है.
राजनीति में अक्सर चौंकाने वाले फैसले लेने वाली बीजेपी ने एक बार फिर बड़ा दांव खेला है. पार्टी ने बिहार के कद्दावर नेता और छत्तीसगढ़ में कांग्रेस का किला ढहाने वाले नितिन नबीन को राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी है. भूपेश बघेल की मजबूत मानी जाने वाली सरकार को उखाड़ फेंकने में जिस ‘चाणक्य नीति’ ने काम किया, उसका चेहरा नितिन नबीन ही थे. नितिन नबीन बीजेपी के सबसे युवा अध्यक्षों में से एक हैं. वे युवा हैं और उनके पास शासन चलाने, जनता की सेवा करने और संगठन के लिए काम करने का व्यापक अनुभव है. वे बिहार सरकार में कई बार मंत्री रह चुके हैं. वे 5 बार के विधायक हैं. उन्होंने युवा मोर्चा के लिए भी बड़े स्तर पर काम किया है. उनके पास राज्य प्रभारी के रूप में काम करने का अनुभव भी है.
