चीन दुनिया का अकेला ऐसा देश है जिसका ट्रेड सरप्लस 1 ट्रिलियन डॉलर को क्रास कर गया है. ये ऐसा आंकड़ा है, जिसमें कई देशों की इकोनॉमी समा जाएगी. इसका मतलब ये है कि चीन दुनियाभर में जितना एक्सपोर्ट कर रहा है, वो किसी रिकॉर्ड से कम नहीं. वो भी तब जबकि टैरिफ ने बहुत से देशों की राह मुश्किल कर दी है. अमेरिका ने टैरिफ में उसको भी बांधने की कोशिश की थी. कैसे किया चीन ने ऐसा.
चीन ने जो कर दिखाया है, वो वाकई सोच से परे है. चीन का दुनिया में कुल कारोबार 1 ट्रिलियन डॉलर सरप्लस हो गया है यानि अगर चीन द्वारा किए एक्सपोर्ट से इंपोर्ट को घटा दिया जाए, तो ये 1 ट्रिलियन डॉलर सरप्लस फायदे में है. यूं भी दुनिया के बड़े देशों का कारोबार सरप्लस में कम ही रहता है. तो कह सकते हैं कि चीन अब दुनिया का ट्रेड किंग बन गया
दुनिया के चुनिंदा देश ही हैं जिनका ट्रेड सरप्लस है. लेकिन चीन इन सभी देशों से बहुत आगे निकल गया है. दूसरे नंबर चीन है, जिसका ट्रेड सरप्लस कारोबार 297.5 बिलियन डॉलर है यानि इस मामले में वो चीन से पांच गुना पीछे है. भारत को निश्चित तौर पर चीन से इस मामले में तो काफी कुछ सीखने की जरूरत है ही. 2024 में भारतीय निर्यात 443 अरब डॉलर था, जो स्तर चीन ने 2003 में हासिल किया था. हम ये जानेंगे ट्रंप की टैरिफ घुड़की के बाद भी चीन ने कैसे इतनी बड़ी छलांग लगा दी है.चीन ने नवंबर 2025 तक ट्रेड सरप्लस पहली बार 1 ट्रिलियन डॉलर (1.08 ट्रिलियन डॉलर) पार कर लिया है, जो अमेरिकी निर्यात में कमी के बावजूद अन्य बाजारों में निर्यात वृद्धि के कारण हो पाया. पिछले साल तक चीन का सरप्लस 992 बिलियन डॉलर था, जिसका रिकॉर्ड चीन ने तोड़ दिया है.
