लव स्टोरी रोकने के लिए परिवार ने 9 महीने लड़की को कैद किया, फिर एक चिट्टी मिली…कोर्ट ने किया आज़ाद!

Kerala News: केरल के कोट्टायम में एक युवती को उसके परिवार ने 9 महीने तक घर में बंद रखा क्योंकि उन्हें उसका रिश्ता मंजूर नहीं था. युवती ने चुपके से मदद की चिट्ठी फेंकी तो मामला अदालत पहुंचा. कोर्ट ने कहा कि किसी वयस्क को जबरन कैद नहीं किया जा सकता और उसे साथी से मिलने की अनुमति दे दी.

केरल के कोट्टायम में रहने वाली एक युवती को उसके ही परिवार ने करीब नौ महीने तक घर में बंद करके रखा. वजह यह थी कि लड़की कई सालों से एक लड़के के साथ रिश्ते में थी, लेकिन परिवार को यह रिश्ता बिल्कुल मंजूर नहीं था. बताया जा रहा है कि उन्हें लड़के की जात और धर्म पर आपत्ति थी. इसी वजह से उन्होंने युवती को बाहर जाने से रोक दिया और किसी से मिलने-जुलने तक की इजाजत नहीं दी.

चुपके से फेंकी मदद की चिट्ठीलंबे समय तक बंद रहने के बाद युवती ने हिम्मत दिखाते हुए घर से बाहर सड़क पर एक चिट्ठी फेंकी. इस चिट्ठी में उसने लिखा था कि उसे जबरन घर में कैद करके रखा गया है और उसे मदद की जरूरत है. यह चिट्ठी वहां से गुजरने वाले लोगों के हाथ लगी और फिर मामला आगे पहुंचा. इसके बाद कुछ संगठनों और लोगों ने तुरंत कानूनी मदद शुरू की.कोर्ट ने कहा – किसी वयस्क को जबरन नहीं रोका जा सकतामामला जैसे ही अदालत पहुंचा, कोर्ट ने साफ कहा कि किसी भी वयस्क व्यक्ति को उसके माता-पिता या परिवार वाले जबरन घर में नहीं रोक सकते. अदालत ने याद दिलाया कि हर नागरिक को अपनी जिंदगी अपने फैसलों के साथ जीने का अधिकार है. इसमें कहीं भी आने-जाने की आजादी और अपनी पसंद का साथी चुनना भी शामिल है. कोर्ट ने परिवार के इस कदम को गलत बताया और युवती को तुरंत आजादी देने का आदेश दिया.

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