Jagdish Chandra Bose: भारत ने विज्ञान के क्षेत्र में दुनिया को कई महान हस्तियां दीं, लेकिन उनमें एक नाम ऐसा है जो केवल वैज्ञानिक खोजों तक सीमित नहीं था… वे प्रकृति, जीव-जगत और मानवता के सबसे बड़े दार्शनिक वैज्ञानिकों में से एक थे. सर जगदीश चंद्र बोस, जिन्होंने दुनिया को यह विश्वास दिलाया कि पेड़-पौधे भी महसूस करते हैं, प्रतिक्रिया देते हैं, और उनसे करुणा का रिश्ता भी संभव है. आज उनकी पुण्यतिथि पर देश उन्हें याद कर रहा है.
भारत के इतिहास में विज्ञान की दुनिया को दिशा देने वाले जिन वैज्ञानिकों का नाम सबसे सम्मान के साथ लिया जाता है, उनमें जगदीश चंद्र बोस सबसे अग्रणी हैं. आज उनकी पुण्यतिथि है. उनके जीवन और खोजों की कहानी सिर्फ वैज्ञानिक उपलब्धियां नहीं, बल्कि संघर्ष, समर्पण और मानवता के लिए विज्ञान करने की भावना की मिसाल है. बोस ने उस सच को दुनिया के सामने रखा, जिसे पहले किसी ने देखना तो दूर, सोचना भी मुश्किल समझा था. उन्होंने साबित किया कि पौधों में भी जान होती है, वे दर्द महसूस कर सकते हैं और रोशनी व तापमान का असर उन पर भी होता है. यही नहीं, रेडियो तरंगों के शोध की शुरुआत करने वाले वैज्ञानिकों में सबसे पहले स्थान पर भी उनका नाम आता है, हालांकि इस बड़ी उपलब्धि का पूरा श्रेय उन्हें उस समय नहीं मिल सका.
