Maharashtra Local body Election: चुनावों में महिला मतदाताओं की निर्णायक भूमिका सामने आई है इसीलिए सभी दलों ने महिला मतदाताओं को अपने पाले में करने के लिए जोरदार कोशिशें शुरू कर दी हैं. कुछ राज्यों में चुनाव से पहले महिलाओं को आर्थिक मदद देने वाली योजनाएं शुरू की गईं. इन योजनाओं ने चुनाव के समीकरण बदल दिए हैं. अब महाराष्ट्र के पिंपरी-चिंचवड़ नगर निगम चुनाव में दिलचस्पी रखने वाले एक उम्मीदवार ने सीधे विश्व बैंक को चिट्ठी लिखी है.
महाराष्ट्र में नगर निकाय के चुनावों को बिगुल बज चुका है और इसके साथ ही राजनीतिक दांव-पेंच भी तेज होने लगे हैं. पिंपरी-चिंचवड़ नगर निगम चुनाव में इस बार मुकाबले की बड़ी कहानी महिला मतदाताओं के इर्द-गिर्द बनती दिख रही है. कई राज्यों में महिलाओं को सीधी आर्थिक मदद देने वाली योजनाओं ने चुनावी परिणामों को प्रभावित किया है. इसके बाद अब पिंपरी-चिंचवड़ में एक उम्मीदवार ने ऐसा कदम उठाया है, जिसने स्थानीय राजनीति में हलचल मचा दी है.
शरद पवार गुट से जुड़े वार्ड नंबर 17 के उम्मीदवार माधव पाटिल ने सीधे विश्व बैंक को एक चिट्ठी लिखकर 30 करोड़ रुपये का ऋण मांगा है. उनका दावा है कि वह चुनाव जीतने के लिए नोट बांटकर वोट नहीं चाहते, बल्कि क्षेत्र की महिलाओं को रोजगार देने के लिए आर्थिक रूप से सशक्त बनाना चाहते हैं. उनका यह कदम लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है कुछ इसे चुनावी स्टंट बता रहे हैं, तो कुछ इसे सरकार और चुनाव व्यवस्था पर एक व्यंग्यात्मक टिप्पणी के रूप में देख रहे हैं.क्या है पाटिल का प्लान?टिकट मिलते ही माधव पाटिल ने अपने पत्र में लिखा है कि उनके वार्ड में लगभग 30,000 महिलाएं हैं. यदि विश्व बैंक उन्हें 30 करोड़ रुपये का लोन देता है, तो वह हर महिला को 10,001 रुपये देंगे ताकि वे छोटे-मोटे व्यवसाय शुरू कर सकें और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनें. पाटिल का कहना है कि इस कदम का मकसद सिर्फ चुनाव नहीं, बल्कि सामाजिक बदलाव है.
