नई दिल्ली. मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार ने रविवार को कहा कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का उद्देश्य मतदाता सूचियों में सभी खामियों को दूर करना है. उन्होंने कहा कि अगर कोई बांग्लादेशी है तो उसका वोट नहीं बनेगा. सीईसी ने बंगाल में एसआईआर को लेकर भी अपनी बात रखी. वह एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में सवालों के जवाब दे रहे थे.दरअसल, बिहार एसआईआर को लेकर सत्ता पक्ष लगातार कह रहा है कि बाहर का कोई भी शख्स वोटर लिस्ट में नहीं होना चाहिए. सभी बांग्लादेशियों और दूसरे राज्यों के नागरिकों के नाम हटाए जा रहे हैं. इस बारे में जब ज्ञानेश कुमार से पूछा गया कि क्या ऐसा है और अगर है तो अब तक कितने बांग्लादेशी मिले हैं…इसके जवाब में सीईसी ने कहा, “भारत के संविधान के अनुसार सिर्फ भारत का नागरिक ही एमएलए और एमपी का चुनाव कर सकता है. अगर ऐसे लोगों ने फार्म भरा है तो एसआईआरए में उन्हें पात्रता सिद्ध करना होगा. 30 सितंबर तक उन्हें खुद को पात्र साबित करना होगा. ऐसे लोग जो हमारे देश के नहीं हैं, वो 30 सितंबर तक जांच में पाए जाएंगे तो उनका वोट नहीं बनेगा.
