नई दिल्ली: धरती पर नहीं, अंतरिक्ष में मिलती है ये अनोखी शराब. वैज्ञानिकों ने पहली बार ऐसी अल्कोहल को लैब में तैयार किया है, जो अब तक केवल सिद्धांतों में मौजूद थी. इसका नाम है मेथेनेटेट्रोल (C(OH)₄) – एक ‘सुपर अल्कोहल’, जो चार हाइड्रॉक्सिल ग्रुप (OH) से बनी होती है, और एक ही कार्बन से जुड़ी होती है. इसका इस्तेमाल आप कॉकटेल में नहीं कर सकते, क्योंकि ये बेहद अस्थिर (highly unstable) अणु है. 100 साल पहले वैज्ञानिकों ने इसके अस्तित्व की संभावना जताई थी, लेकिन कभी इसे देखा नहीं गया था.अब एक अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक टीम ने इसे लैब में तैयार कर दिखाया है. इसके लिए उन्होंने अंतरिक्ष की तरह की परिस्थितियां बनाई. कार्बन डाइऑक्साइड और पानी को बेहद कम तापमान पर जमा दिया और फिर उस पर हाई-एनर्जी रेडिएशन (radiation) छोड़ी, जैसे गैलेक्सी में सुपरनोवा और तारों से निकलती किरणें होती हैं. इस प्रतिक्रिया से जो अणु बना, वो था मेथेनेटेट्रोल.वैज्ञानिकों ने अपनी स्टडी में लिखा, ‘यह खोज बताती है कि इंटरस्टेलर क्लाउड्स (तारों के बीच की बर्फीली धूल) में एक बेहद अनोखी और अप्रत्याशित केमिस्ट्री होती है, जिसे अब गंभीरता से समझने की जरूरत है.’अंतरिक्ष की अनकही केमिस्ट्री का संकेतयह खोज सिर्फ एक अणु की नहीं है, बल्कि इस संभावना की है कि ब्रह्मांड में ऐसे और भी ‘असंभव’ मॉलिक्यूल्स हो सकते हैं. ये खोज हमें ये समझने में भी मदद कर सकती है कि अन्य ग्रहों पर जीवन कैसे शुरू हो सकता है, और जीवन के लिए जरूरी केमिकल्स कैसे बनते होंगे.
