IndusInd Bank Shares: इंडसइंड बैंक से जुड़ी बड़ी खबर सामने आ गई है. इस कंपनी के शेयरों पर आज सबकी नजर रहने वाली है, क्योंकि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) ने राजीव आनंद को बैंक का नया मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ नियुक्त करने की मंजूरी दे दी है.यह नियुक्ति तीन साल के लिए है, जो 25 अगस्त 2025 से शुरू होकर 24 अगस्त 2028 तक चलेगी. हालांकि, इसके लिए बैंक की अगली आम सभा में शेयरधारकों की मंजूरी लेनी होगी. मनीकंट्रोल के अनुसार, खबर बैंक के लिए अच्छी हो सकती है, क्योंकि शेयर बाजार में इसके शेयरों में कुछ हलचल देखने को मिल सकती है.बैंक के CEO ने दिया था इस्तीफाइंडसइंड बैंक पिछले कुछ समय से मुश्किलों में है. इसके पुराने सीईओ सुमंत कठपालिया ने अप्रैल में इस्तीफा दे दिया था, क्योंकि बैंक के डेरिवेटिव पोर्टफोलियो में कुछ गलतियां पाई गई थीं. इन गलतियों की वजह से बैंक को 2,329 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था. इस वजह से बैंक की साख को भी झटका लगा था. अब राजीव आनंद के सामने चुनौती है कि वे बैंक को इन मुश्किलों से निकालें और लोगों का भरोसा दोबारा जीतें.राजीव आनंद का अनुभव काफी ज्यादा रहा है. उन्होंने पहले एक्सिस बैंक में डिप्टी मैनेजिंग डायरेक्टर के तौर पर काम किया, जहां उन्होंने होलसेल बैंकिंग और डिजिटल प्रक्रियाओं को बेहतर करने में अहम भूमिका निभाई. इसके अलावा, वे स्टैंडर्ड चार्टर्ड, एएनजेड ग्रिंडलेस और एचएसबीसी जैसे बड़े वैश्विक बैंकों में भी काम कर चुके हैं. 2009 में वे एक्सिस असेट मैनेजमेंट कंपनी के पहले मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ थे, और बाद में एक्सिस बैंक में रिटेल बैंकिंग के प्रेसिडेंट बने. उनकी यह अनुभवइंडसइंड बैंक के लिए फायदेमंद हो सकता है.बैंक के चेयरमैन सुनील मेहता ने हाल ही में कहा था कि बैंक अपनी सीनियर मैनेजमेंट टीम को मजबूत करने के लिए अच्छे लीडर्स की तलाश कर रहा है. इसमें इंटरनल और बाहरी दोनों तरह के लोग शामिल हैं. एक ब्रोकरेज फर्म एमके ग्लोबल का मानना है कि राजीव आनंद का निजी बैंकिंग क्षेत्र में अनुभव बैंक के लिए बड़ा फायदा है. पहले यह चर्चा थी कि शायद कोई सरकारी बैंक का बैंकर इस पद को संभाले, लेकिन एक अनुभवी निजी बैंकर की नियुक्ति को पॉजिटिव माना जा रहा है.हालांकि, राजीव आनंद के सामने कई चुनौतियां हैं. उन्हें बैंक की लीडरशिप टीम को फिर से तैयार करना होगा, बैंक की संपत्ति और देनदारियों को संतुलित करना होगा, गवर्नेंस को मजबूत करना होगा और शेयरधारकों व ग्राहकों का भरोसा दोबारा हासिल करना होगा. एमके ग्लोबल का कहना है कि बैंक की लंबी अवधि की रणनीति को स्पष्ट होने में समय लग सकता है.बैंक के शेयर्स पर रहेगा फोकसतब तक बैंक के शेयरों का प्रदर्शन इस बात पर निर्भर करेगा कि उसका मार्जिन और एसेट क्वालिटी कैसी रहती है. कुछ चिंताएं भी हैं कि बैंक को और नुकसान हो सकता है. फर्म ने शेयरों पर ‘रिड्यूस’ रेटिंग दी है और इसका टारगेट प्राइस 700 रुपये प्रति शेयर रखा है. बैंक के शेयर्स पर आज मंगलवार को फोकस रहने वाला है. बैंक के शेयर्स बीएसई पर कल सोमवार को 2% उछलकर 803.90 रुपये के लेवल पर क्लोज हुए थे.यह नियुक्ति इंडसइंड बैंक के लिए एक नई शुरुआत हो सकती है. अगर राजीव आनंद अपनी अनुभव का सही इस्तेमाल करते हैं तो बैंक फिर से मजबूत हो सकता है. शेयरधारकों और ग्राहकों की नजर अब इस बात पर है कि बैंक कैसे आगे बढ़ता है.(Disclaimer: यह खबर केवल जानकारी के उद्देश्य से प्रकाशिक की गई है. यदि आप इनमें से किसी भी शेयर में पैसा लगाना चाहते हैं तो पहले सर्टिफाइड इनवेस्टमेंट एडवायजर से परामर्श कर लें. आपके किसी भी तरह के लाभ या हानि के लिए News18 जिम्मेदार नहीं होगा.)
