बिहार की सियासत में इन दिनों एक अनोखा सवाल चर्चा में है. सोशल मीडिया में आरजेडी के नेता दावा कर रहे कि तेजस्वी यादव का नाम वोटर लिस्ट से इसलिए काट दिया गया है, ताकि उन्हें अगला चुनाव लड़ने से रोका जा सके. यह ‘साजिश’ है. ऐसे में सबसे बड़ सवाल कि क्या वाकई वोटर लिस्ट में नाम न होने पर कोई नेता चुनाव नहीं लड़ सकता? अगर तेजस्वी यादव का नाम वोटर लिस्ट में न हो तो क्या सच में वह अगला चुनाव भी नहीं लड़ पाएंगे? क्या कहता है हमारा कानून?बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री और RJD नेता तेजस्वी यादव का नाम वोटर लिस्ट से गायब होने का मुद्दा तब उठा जब पटना के पाटलिपुत्र विधानसभा क्षेत्र की संशोधित वोटर लिस्ट सामने आई. RJD नेताओं ने आरोप लगाया कि यह जानबूझकर किया गया कदम है, जिससे तेजस्वी यादव को आगामी विधानसभा या लोकसभा चुनाव लड़ने से रोका जा सके. हालांकि, कुछ ही देर बाद चुनाव आयोग ने साफ कर दिया कि तेजस्वी यादव का नाम वोटर लिस्ट में है. इसके बाद भी सियासत हो रही है.आरजेडी का आरोप क्या है?आरजेडी का कहना है कि तेजस्वी यादव का नाम बिना किसी सूचना या वाजिब वजह के हटाया गया. यह भाजपा की साजिश है ताकि तेजस्वी को चुनावी दौड़ से बाहर किया जा सके. इसके जरिए लोकतंत्र को कमजोर किया जा रहा है. RJD इस मामले को लेकर चुनाव आयोग से शिकायत करने की तैयारी में है और अदालत जाने की भी बात कह रही है.चुनाव लड़ने की शर्त क्याकानून के मुताबिक, अगर कोई व्यक्ति किसी निर्वाचन क्षेत्र का मतदाता नहीं है, तब भी वह कुछ शर्तों के साथ चुनाव लड़ सकता है. रिप्रजेंटेटिव ऑफ द पीपुल एक्ट 1951 (Representation of the People Act, 1951) के अनुसार, कोई भी भारतीय नागरिक जो कम से कम 25 वर्ष का हो, वह विधानसभा का चुनाव लड़ सकता है. अगर वह लोकसभा या राज्यसभा का चुनाव लड़ना चाहता है तो उसकी उम्र 30 साल होनी चाहिए. वह किसी भी निर्वाचन क्षेत्र का वोटर हो सकता है. इसका मतलब यह है कि किसी विशेष सीट से चुनाव लड़ने के लिए उस क्षेत्र का वोटर होना जरूरी नहीं है. लेकिन किसी न किसी निर्वाचन क्षेत्र में नाम होना जरूरी है, चाहे वह किसी भी राज्य या शहर का क्यों न हो. इसे आपनहीं, अगर उनका नाम केवल पाटलिपुत्र की वोटर लिस्ट से कटा है, लेकिन वे किसी अन्य निर्वाचन क्षेत्र में मतदाता के रूप में पंजीकृत हैं, तो वे चुनाव लड़ सकते हैं. उदाहरण के लिए, अगर उनका नाम पटना में न होकर दरभंगा या किसी अन्य जिले में वोटर लिस्ट में मौजूद है, तो उनके चुनाव लड़ने पर कोई रोक नहीं है.
