Those liquor brands which are making a splash abroad: भारतीय अल्कोहल ब्रांड दुनिया भर में धूम मचा रहे हैं. जिनको कभी स्थानीय पार्टियों और पारिवारिक समारोहों में ही पसंद किया जाता था, अब न्यूयॉर्क, लंदन, टोक्यो और अन्य जगहों पर भी गिलासों में परोसा जा रहा है. भारत की कुछ शराब जो विदेशों में काफी लोकप्रिय हैं, उनमें भारतीय व्हिस्की, जिन और रम शामिल हैं. इन उत्पादों ने अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पुरस्कार जीतकर और अपनी अनूठी विशेषताओं के कारण वैश्विक बाजार में अपनी पहचान बनाई है.
भारतीय स्पिरिट अब देश की सीमाओं तक सीमित नहीं रह गए हैं. वे गर्व से विश्व मंच पर कदम रख रहे हैं. भारतीय ब्रांड सिर्फ बोतलें ही विदेशों में नहीं भेज रहे हैं – वे कहानियां, स्वाद और सदियों पुरानी परंपराएं भी साझा कर रहे हैं. इन पेय पदार्थों में भारतीय सामग्री, क्षेत्रीय तकनीक और घरेलू रचनात्मकता का सार समाहित है. चाहे वह पहाड़ों से आने वाला स्मूथ सिंगल माल्ट हो या गोवा का कोकोनट रम. ये ब्रांड सही कारणों से दुनिया भर का ध्यान आकर्षित कर रहे हैं.
तेजी से बढ़ रहा है भारत का एल्कोबेव बाजार
भारत दुनिया में मादक पेय पदार्थों की मात्रा के हिसाब से चीन और अमेरिका के बाद तीसरा सबसे बड़ा बाजार है. यह पहले से ही एक बड़ी संख्या है, लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं होती. भारत में एल्को-बेव उद्योग तेजी से विकास की राह पर है. जिसके वित्त वर्ष 2015 के लगभग 1.7 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर वित्त वर्ष 2028 तक लगभग 5 लाख करोड़ रुपये हो जाने की उम्मीद है. आने वाले वर्षों में इस बाजार में तेजी आने की संभावना है. भारत में शराब पीने की संस्कृति अभी शुरू ही हुई है.
अमृत : इसे भारत की पहली सिंगल माल्ट व्हिस्की माना जाता है जिसे अंतरराष्ट्रीय बाजार में लोकप्रियता मिली. यह भारतीय जौ और स्कॉटिश पीटेड जौ के मिश्रण से बनायी जाती है. जिससे इसका स्वाद अनूठा हो जाता है. अमृत ने कई अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार जीते हैं, जिनमें वर्ल्ड व्हिस्की अवार्ड्स भी शामिल हैं.
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रामपुर व्हिस्की: यह व्हिस्की भी अपनी गुणवत्ता के लिए जानी जाती है और विदेशों में प्रीमियम सिंगल माल्ट के रूप में पहचान बना रही है. यह भारत का एक शाही घूंट है जो हर मौसम के लिए उपयुक्त है. रामपुर ने 2025 के जॉन बार्लेकॉर्न अवार्ड्स में ‘बेस्ट वर्ल्ड सिंगल माल्ट’ का खिताब जीता है, जो यह साबित करता है कि यह अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी पहचान बना रही है.
मैकडॉवेल्स नंबर 1: यह दुनिया में सबसे ज्यादा बिकने वाली व्हिस्की ब्रांडों में से एक है. इसकी गिनती भारतीय निर्मित विदेशी शराब में होती है. एक न्यूज रिपोर्ट के मुताबिक मैकडॉवेल्स भारत और विदेशों में सबसे ज्यादा बिकने वाली व्हिस्की है. साल 2023 में इस रिकॉर्ड बिक्री की वजह से इसने भारत की सबसे पसंदीदा व्हिस्की का अवॉर्ड भी जीता था. 1968 में लॉन्च की गई मैकडॉवेल की नंबर 1 लग्जरी प्रीमियम व्हिस्की कई सालों से शीर्ष पर बनी हुई है.
ऑफिसर्स चॉइस: यह भी सबसे ज्यादा बिकने वाली व्हिस्की में से एक है और दुनिया के शीर्ष 100 ब्रांडों में शामिल है.अमृत : इसे भारत की पहली सिंगल माल्ट व्हिस्की माना जाता है जिसे अंतरराष्ट्रीय बाजार में लोकप्रियता मिली. यह भारतीय जौ और स्कॉटिश पीटेड जौ के मिश्रण से बनायी जाती है. जिससे इसका स्वाद अनूठा हो जाता है. अमृत ने कई अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार जीते हैं, जिनमें वर्ल्ड व्हिस्की अवार्ड्स भी शामिल हैं.
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रामपुर व्हिस्की: यह व्हिस्की भी अपनी गुणवत्ता के लिए जानी जाती है और विदेशों में प्रीमियम सिंगल माल्ट के रूप में पहचान बना रही है. यह भारत का एक शाही घूंट है जो हर मौसम के लिए उपयुक्त है. रामपुर ने 2025 के जॉन बार्लेकॉर्न अवार्ड्स में ‘बेस्ट वर्ल्ड सिंगल माल्ट’ का खिताब जीता है, जो यह साबित करता है कि यह अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी पहचान बना रही है.
मैकडॉवेल्स नंबर 1: यह दुनिया में सबसे ज्यादा बिकने वाली व्हिस्की ब्रांडों में से एक है. इसकी गिनती भारतीय निर्मित विदेशी शराब में होती है. एक न्यूज रिपोर्ट के मुताबिक मैकडॉवेल्स भारत और विदेशों में सबसे ज्यादा बिकने वाली व्हिस्की है. साल 2023 में इस रिकॉर्ड बिक्री की वजह से इसने भारत की सबसे पसंदीदा व्हिस्की का अवॉर्ड भी जीता था. 1968 में लॉन्च की गई मैकडॉवेल की नंबर 1 लग्जरी प्रीमियम व्हिस्की कई सालों से शीर्ष पर बनी हुई है.
ऑफिसर्स चॉइस: यह भी सबसे ज्यादा बिकने वाली व्हिस्की में से एक है और दुनिया के शीर्ष 100 ब्रांडों में शामिल है.जिन
जिन जीजी : यह एक भारतीय जिन है जिसने लंदन स्पिरिट्स कॉम्पिटिशन जैसे अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में गोल्ड मेडल हासिल किया है. जिसका नाम जिजीविषा शब्द से प्रेरित है, जिसका अर्थ है ‘जीने की इच्छा’. यह जिन भारत के अनूठे स्वादों और सुगंधों को प्रदर्शित करता है, जिसमें जड़ी-बूटियों और मसालों का मिश्रण है.
जैसलमेर इंडियन क्राफ्ट जिन: यह भी एक प्रीमियम जिन है जो भारतीय जड़ी-बूटियों और वनस्पतियों के साथ बनायी जाती है. भारत की सबसे पुरानी डिस्टिलरी में से एक रामपुर डिस्टिलरी में तांबे के स्टिल में छोटे-छोटे बैचों में ये जिन बनाई जाती है. इस जिन को तीन बार डिस्टिल किया जाता है और इसमें कुल ग्यारह वनस्पतियों का उपयोग किया जाता है, जिनमें से सात भारत से हैं.
हापुसा हिमालयन ड्राई जिन: यह अपनी अनोखी सामग्रियों और हिमालयी जड़ों के लिए जानी जाती है. संस्कृत में हापुसा का अर्थ जुनिपर बेरी होता है. इस जिन में हिमालय के चीड़ के जंगलों से प्राप्त जुनिपर बेरी का उपयोग होता है. इसके अतिरिक्त अन्य वनस्पतियां इसे एक अनूठा स्वाद और सुगंध प्रदान करती हैं.
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अन्य
ओल्ड मॉन्क: यह एक क्लासिक भारतीय रम है, जिसे कई दशकों से पसंद किया जा रहा है और इसकी विदेशों में भी एक खास पहचान है. ओल्ड मॉन्क रम पारंपरिक तरीके से बनाई गई उच्च-गुणवत्ता वाली डार्क रम है, जिसे 7 वर्षों तक मिश्रित किया जाता है. इस पेय की मीठी सुगंध में कारमेल, चॉकलेट, पके आड़ू और वेनिला की खुशबू है. ओल्ड मॉन्क रम का स्वाद उतना मीठा नहीं है जितना इसकी मीठी सु
