16 दिसंबर 1971 को नहीं हुई होती एक चूक तो आज फड़फड़ा नहीं रहे होते यूनुस

16 December 1971 and Indira Gandhi Role: आज से ठीक 54 साल पहले भारतीय उपमहाद्वीप में कुछ ऐसी घटना घटी थी जिससे इलाके का पूरा भूगोल बदल गया था. भारत के पड़ोस में एक नए मुल्क का जन्म हुआ था. उस मुल्क का नाम है बांग्लादेश. इस मुल्क को पैदा करने में भारत की भूमिका सबसे अहम थी. भारत ने भारी जोखिम उठाया. उसे आर्थिक और सैन्य रूप से भारी बोझ उठाना पड़ा. लेकिन भारत ने इस पूरी घटना में किसी तरह कोई प्रत्यक्ष लाभ नहीं कमाया जबकि उसके पास ऐसा करने का पूरा मौका था. आज हम इस घटना का एक यथार्थवादी पक्ष आपके सामने रखते हैं. यह संभव है कि कुछ लोग इस यथार्थवादी सोच से सहमत न हों लेकिन मौजूदा बांग्लादेश की स्थिति को देखते हुए कहा जा सकता है कि पूरी तरह आदर्शवादी होने की बजाय हमें यथार्थवादी भी होना चाहिए.

2016 दिसंबर 1971 को नहीं हुई होती एक चूक तो आज फड़फड़ा नहीं रहे होते यूनुस!Written by:संतोष कुमारDec 16, 2025, 13:1416 December 1971 and Indira Gandhi Role: आज से ठीक 54 साल पहले भारतीय उपमहाद्वीप में कुछ ऐसी घटना घटी थी जिससे इलाके का पूरा भूगोल बदल गया था. भारत के पड़ोस में एक नए मुल्क का जन्म हुआ था. उस मुल्क का नाम है बांग्लादेश. इस मुल्क को पैदा करने में भारत की भूमिका सबसे अहम थी. भारत ने भारी जोखिम उठाया. उसे आर्थिक और सैन्य रूप से भारी बोझ उठाना पड़ा. लेकिन भारत ने इस पूरी घटना में किसी तरह कोई प्रत्यक्ष लाभ नहीं कमाया जबकि उसके पास ऐसा करने का पूरा मौका था. आज हम इस घटना का एक यथार्थवादी पक्ष आपके सामने रखते हैं. यह संभव है कि कुछ लोग इस यथार्थवादी सोच से सहमत न हों लेकिन मौजूदा बांग्लादेश की स्थिति को देखते हुए कहा जा सकता है कि पूरी तरह आदर्शवादी होने की बजाय हमें यथार्थवादी भी होना चाहिए.ख़बरें फटाफटसबसे बड़ी खबरों तक पहुंचने का आपका शॉर्टकटगूगल परNews18 चुनेंADVERTISEMENT16 December 1971 and Indira Gandhi Role: 16 दिसंबर! यह महज तारीख नहीं बल्कि भारत के पड़ोस में एक नए मुल्क के पैदा होने की तारीख है. भारत के इतिहास में यह तारीख विजय दिवस के रूप में दर्ज है. लंबे समय से इस तारीख को भारतीय सेना की विजय और शौर्य के रूप में मनाया जाता है लेकिन आज हालात ऐसे बन गए हैं कि देश का एक बड़ा जनमानस आज इस तारीख पर अफसोस कर रहे हैं. वह मानता है कि अगर इस तारीख पर भारत ने थोड़ा स्वार्थ का परिचय दिया होता, थोड़ा यथार्थवादी रुख अपनाया होता तो आज भारत के पड़ोस में मोहम्मद यूनुस इतना नहीं फड़फड़ाते.

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