पश्चिम बंगाल: पहले CBI ने नौकरी भर्ती घोटाले के मामले में उन्हें गिरफ्तार किया था और अब ED ने भी अपना शिकंजा कस लिया है. तृणमूल कांग्रेस विधायक जीवनकृष्ण साहा की मुश्किलें कम होने का नाम ही नहीं ले रही हैं. सोमवार सुबह करीब 7 बजे ईडी की टीम भारी सुरक्षा बल के साथ उनके घर पहुंची और तलाशी शुरू कर दी.जैसे ही अधिकारियों ने दबिश दी, विधायक ने भागने की कोशिश की. उन्होंने दीवार फांदकर फरार होने का जुगाड़ किया और सबूत मिटाने के लिए अपना मोबाइल फोन तालाब में फेंक दिया. लेकिन उनकी यह कोशिश नाकाम रही. ईडी और केंद्रीय बल के जवानों ने फोन निकाल लिया और कुछ ही देर बाद साहा को गिरफ्तार कर लिया.तलाबा में फोन फेंककर बचने की कोशिशये पहली बार नहीं है जब साहा गिरफ्तारी के शिकंजे में फंसे हों. 14 अप्रैल 2023 को भी सीबीआई अचानक उनके घर पहुंच गई थी. उस वक्त भी उन्होंने मोबाइल तालाब में फेंककर बचने की कोशिश की थी. इसके बाद 17 अप्रैल को उन्हें सीबीआई ने गिरफ्तार किया था. 2024 में उन्हें जमानत मिल गई थी, लेकिन अब एक बार फिर गिरफ्तारी हो गई.ईडी ने सिर्फ साहा के घर ही नहीं बल्कि उनके करीबी ठिकानों पर भी छापेमारी की. उनके ससुराल, रघुनाथगंज के पियारापुर, महिषग्राम में एक निजी बैंक कर्मचारी राजेश घोष के घर और सैंथिया में उनके पीसी के घर पर भी तलाशी ली गई. इन जगहों से कई अहम दस्तावेज बरामद किए गए हैं.संपत्ति का ब्योरा देख जांच एजेंसी भी गैरानजांच के बीच साहा की संपत्ति का ब्योरा भी सामने आया, जिसे देखकर लोग हैरान हैं. चुनाव आयोग को सौंपे हलफनामे के मुताबिक, उनके पास आठ बैंक खाते हैं जिनमें लाखों रुपये जमा हैं. उनकी पत्नी के नाम पर भी चार बैंक खाते हैं जिनमें करोड़ों की रकम पड़ी हुई है. इसके अलावा दोनों के पास गाड़ियां, सोना, डाक बचत और म्यूचुअल फंड में निवेश भी है.पति-पत्नि को मिलाकर इतने करोड़ की संपत्ति2021 के हलफनामे के अनुसार, साहा की कुल संपत्ति 1 करोड़ 5 लाख रुपये से ज्यादा है, जबकि उनकी पत्नी की संपत्ति 56 लाख रुपये से ऊपर बताई गई है. अब जब ईडी ने उनके खिलाफ दोबारा शिकंजा कसा है, तो तृणमूल कांग्रेस विधायक के सामने कानूनी लड़ाई और भी पेचीदा हो गई है.
